मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो
नजरों में इतना भी ना गिरा
पुरानी तस्वीरें देख के हैरानी हो
मोहब्बत के नाम पर दिल्लगी मंजूर नहीं
मुझसे करे मोहब्बत तो मेरी ही दीवानी हो
जज़्बाती हूँ, हालात नहीं संभलते मुझसे
ज़रूरी नहीं
कि वो हर बार सयानी हो
आशिक नया,महबूब नया, आशिकी नई
उम्मीद रहती हैं कि मोहब्बत पुरानी हो
पेड़ो की सजावट में फूल नहीं काटें जाते
ज़रूरी नहीं खुशबू से भी बागवानी हो
यहाँ बाज़ारों में सिदूर सस्ता बिकता हैं
मत बताओं तुम कितना खानदानी हो
इन्सान के तेवर को बगाव़त भी मंजूर
ज़रूरी नही कि हर बार गुलामी हो
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो.
कि किसी ओर से बैमानी हो
नजरों में इतना भी ना गिरा
पुरानी तस्वीरें देख के हैरानी हो
मोहब्बत के नाम पर दिल्लगी मंजूर नहीं
मुझसे करे मोहब्बत तो मेरी ही दीवानी हो
जज़्बाती हूँ, हालात नहीं संभलते मुझसे
ज़रूरी नहीं
कि वो हर बार सयानी हो
आशिक नया,महबूब नया, आशिकी नई
उम्मीद रहती हैं कि मोहब्बत पुरानी हो
पेड़ो की सजावट में फूल नहीं काटें जाते
ज़रूरी नहीं खुशबू से भी बागवानी हो
यहाँ बाज़ारों में सिदूर सस्ता बिकता हैं
मत बताओं तुम कितना खानदानी हो
इन्सान के तेवर को बगाव़त भी मंजूर
ज़रूरी नही कि हर बार गुलामी हो
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो.

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