sahido ko naman.
Friday, February 22, 2019
Wednesday, February 20, 2019
भजन मंडली
रहिमन धागा प्रेम का, मत टोरो चटकाय। टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय”
*अर्थ:*
रहीम ने कहा कि प्यार का नाता नाजुक होता हैं, इसे तोड़ना उचित नहीं होता। अगर ये धागा एक बार टूट जाता हैं तो फिर इसे मिलाना मुश्किल होता हैं, और यदि मिल भी जाये तो टूटे हुए धागों के बीच गांठ पड़ जाती हैं।
*क्या सीख मिलती है:*
रहीम दास जी के इस दोहे से हमें यह सीख मिलती है कि हमें रिश्तों की कदर करनी चाहिए और एक-दूसरे के प्रति आदर-सम्मान का भाव रखना चाहिए क्योंकि अगर एक बार रिश्ता टूट जाता है तो फिर कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें यह जोड़ा नहीं जा सकता है।
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*अर्थ:*
रहीम ने कहा कि प्यार का नाता नाजुक होता हैं, इसे तोड़ना उचित नहीं होता। अगर ये धागा एक बार टूट जाता हैं तो फिर इसे मिलाना मुश्किल होता हैं, और यदि मिल भी जाये तो टूटे हुए धागों के बीच गांठ पड़ जाती हैं।
*क्या सीख मिलती है:*
रहीम दास जी के इस दोहे से हमें यह सीख मिलती है कि हमें रिश्तों की कदर करनी चाहिए और एक-दूसरे के प्रति आदर-सम्मान का भाव रखना चाहिए क्योंकि अगर एक बार रिश्ता टूट जाता है तो फिर कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें यह जोड़ा नहीं जा सकता है।
Tuesday, February 19, 2019
Bachapan
बचपन के दिन किसी भी व्यक्ति के जीवन के बड़े महत्वपूर्ण दिन होते हैं । बचपन में सभी व्यक्ति चिंतामुक्त जीवन जीते हैं । खेलने उछलने-कूदने, खाने-पीने में बड़ा आनंद आता है ।
माता-पिता, दादा-दादी तथा अन्य बड़े लोगों का प्यार और दुलार बड़ा अच्छा लगता हैं । हमउम्र बच्चों के साथ खेलना-कूदना परिवार के लोगों के साथ घूमना-फिरना बस ये ही प्रमुख काम होते हैं । सचमुच बचपन के दिन बड़े प्यारे और मनोरंजक होते हैं ।
माता-पिता, दादा-दादी तथा अन्य बड़े लोगों का प्यार और दुलार बड़ा अच्छा लगता हैं । हमउम्र बच्चों के साथ खेलना-कूदना परिवार के लोगों के साथ घूमना-फिरना बस ये ही प्रमुख काम होते हैं । सचमुच बचपन के दिन बड़े प्यारे और मनोरंजक होते हैं ।
यह विडीयों को देखीए आपको अपने बचपन की यादें ताजा होते प्रतीत होगी.....
निचे दिए गये लिंक को किलीक करे और विडीयो को देखें---
https://youtu.be/cdm9NIoXvlk
निचे दिए गये लिंक को किलीक करे और विडीयो को देखें---
https://youtu.be/cdm9NIoXvlk
Thursday, February 14, 2019
Teen Bate.....
1.किसी का अपमान मत करना.
2.कोई तुम्हारा अपमान करे तो बुरा मत मानना.
3.और अगर बुरा मान भी जाओ तो बदले की भावना मत रखना.
लेकिन हुआ क्या जब दुर्योधन तालाब मे गिरा तो द्रौपदी हँस पडी.उसने कटाक्ष किया. दुर्योधन ने उस अपमान का बदला लिया, उसका वस्त्रहरण किया. अब द्रौपदी को बुरा लगा तो उसने भी बदला लिया, महाभारत का युद्घ हुआ. तो कहानी का सारांश ये है कि अगर हम अपने जीवन में ये तीन बातें कर पायें तो हमारा पूरा जीवन बदल जायेगा.
Sunday, February 10, 2019
Nice thought
अच्छाई बसती हैं। ह्दय वह जगह हैं,
जहां मेरे जीवन का प्रकाश बसता हैं,
अंधेरा नहीं। जहां ज्ञान बसता हैं,
अज्ञान नहीं। जहां करूणा बसती हैं,
खौफ नहीं। उस जगह को मैं ह्दय कहता
हूं। वह सबके अंदर हैं।https://youtu.be/N-TNORadSGw
Saturday, February 9, 2019
Saraswati Puja special video
https://youtu.be/N-TNORadSGw
Click hear और देखीए सरस्वती पुजा special video.
Click hear और देखीए सरस्वती पुजा special video.
Thursday, February 7, 2019
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हो..
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो
नजरों में इतना भी ना गिरा
पुरानी तस्वीरें देख के हैरानी हो
मोहब्बत के नाम पर दिल्लगी मंजूर नहीं
मुझसे करे मोहब्बत तो मेरी ही दीवानी हो
जज़्बाती हूँ, हालात नहीं संभलते मुझसे
ज़रूरी नहीं
कि वो हर बार सयानी हो
आशिक नया,महबूब नया, आशिकी नई
उम्मीद रहती हैं कि मोहब्बत पुरानी हो
पेड़ो की सजावट में फूल नहीं काटें जाते
ज़रूरी नहीं खुशबू से भी बागवानी हो
यहाँ बाज़ारों में सिदूर सस्ता बिकता हैं
मत बताओं तुम कितना खानदानी हो
इन्सान के तेवर को बगाव़त भी मंजूर
ज़रूरी नही कि हर बार गुलामी हो
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो.
कि किसी ओर से बैमानी हो
नजरों में इतना भी ना गिरा
पुरानी तस्वीरें देख के हैरानी हो
मोहब्बत के नाम पर दिल्लगी मंजूर नहीं
मुझसे करे मोहब्बत तो मेरी ही दीवानी हो
जज़्बाती हूँ, हालात नहीं संभलते मुझसे
ज़रूरी नहीं
कि वो हर बार सयानी हो
आशिक नया,महबूब नया, आशिकी नई
उम्मीद रहती हैं कि मोहब्बत पुरानी हो
पेड़ो की सजावट में फूल नहीं काटें जाते
ज़रूरी नहीं खुशबू से भी बागवानी हो
यहाँ बाज़ारों में सिदूर सस्ता बिकता हैं
मत बताओं तुम कितना खानदानी हो
इन्सान के तेवर को बगाव़त भी मंजूर
ज़रूरी नही कि हर बार गुलामी हो
मुझसे ऐसी भी ना नादानी हों
कि किसी ओर से बैमानी हो.
Wednesday, February 6, 2019
शांति कैसे मिले.
दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
जरा गौर फरमाईगा..
दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
रहता अगर इंसान दुनिया के चक्करों से दूर.......
तो ऐ जान पाता...
शांति उसके अंदर रहता है...
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
जरा गौर फरमाईगा..
दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
रहता अगर इंसान दुनिया के चक्करों से दूर.......
तो ऐ जान पाता...
शांति उसके अंदर रहता है...
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