Monday, March 23, 2020


सबसे पहला धर्म जो मनुष्य ने बनाया, वो धर्म है - दया होनी चाहिए, उदारता होनी चाहिए। इसीलिए तो इन सब चीजों का वर्णन हर एक धार्मिक धर्म में मिलता है। चाहे वो हिन्दू हो, चाहे वो मुसलमान हो, चाहे वो सिख हो, चाहे वो ईसाई हो, चाहे वो बुद्धिष्ट हो!

किसी भी धर्म का हो, सभी धर्मों में ये सारी चीजें बराबर हैं।

उदारता होनी चाहिए, दया होनी चाहिए, क्षमता होनी चाहिए, क्षमा होनी चाहिए! ये है तुम्हारा धर्म! और जब तुम क्षमा नहीं करते हो, जब तुम दया नहीं करते हो, तुम अधर्म करते हो! इस अधर्म - नरक की बात छोड़ो! नरक की बात छोड़ो! क्यों छोड़ो? क्योंकि अधर्म के कारण मनुष्य ने नरक यहीं बना दिया है। जहां स्वर्ग होना चाहिए, वहां मनुष्य ने नरक बना दिया है।

तो आये अब स्वर्ग बनाऐ. हम सब मिल कर "कोरोना" की लडाई को जीतने के लिए कदम बढा़ऐ....