दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
जरा गौर फरमाईगा..
दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
रहता अगर इंसान दुनिया के चक्करों से दूर.......
तो ऐ जान पाता...
शांति उसके अंदर रहता है...
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
जरा गौर फरमाईगा..
दर्द का ना कोई जात होता है.......
दुख का ना कोई समय होता है....... ।
रहता अगर इंसान दुनिया के चक्करों से दूर.......
तो ऐ जान पाता...
शांति उसके अंदर रहता है...
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