जीवन में कामयाबी
हम इस जीवन के अंदर बहुत-कुछ सुनते हैं। सवेरे से लेकर शाम तक कोई न कोई, कुछ न कुछ सुनाता ही रहता हैं। परंतु हमें चाहिए कि अपने जीवन में कुछ समय निकाल कर ऐसी बातें सुनें जिससे सचमुच में हमारा भला हो।
मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि सारे संसार को गन्ना, हिन्दुस्तान की देन हैं। गन्ना हिन्दुस्तान से ही शुरू होकर, सारे संसार मैं फैला हैं। गन्ना हैं क्या ? आप लोगों ने गन्ना उगते हुए देखा होगा? पहले खेत जोतते हैं और फिर उसमें गन्ना को फेंकते हैं, फिर पिछे से कोई आता है और जहां गन्ने का अंकुर निकलेगा, उसको सीधा करता है। फिर उसे मिट्टी से ढक देते हैं, फिर उसमें पानी डाला जाता हैं। मिट्टी में कोई मिठास नहीं होती है, उस पानी में भी कोई मिठास नहीं होती हैं, परंतु जब गन्ना तैयार हो जाता है तो उसमें बहुत मिठास होती हैं! गन्ने ने अपने छोटे-से जीवन में एक काम कर लिया। उसका जीवन ज्यादा बड़ा तो होता नहीं हैं, पर जबतक वह बड़ा हो जाता हैं, तबतक वह एक काम कर लेता है कि अपने अंदर मिठास भर लेता है।
तो प्रश्न उठता हैं कि हम अपने जीवन में क्या भरते हैं ?
हम इस जीवन के अंदर बहुत-कुछ सुनते हैं। सवेरे से लेकर शाम तक कोई न कोई, कुछ न कुछ सुनाता ही रहता हैं। परंतु हमें चाहिए कि अपने जीवन में कुछ समय निकाल कर ऐसी बातें सुनें जिससे सचमुच में हमारा भला हो।
मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि सारे संसार को गन्ना, हिन्दुस्तान की देन हैं। गन्ना हिन्दुस्तान से ही शुरू होकर, सारे संसार मैं फैला हैं। गन्ना हैं क्या ? आप लोगों ने गन्ना उगते हुए देखा होगा? पहले खेत जोतते हैं और फिर उसमें गन्ना को फेंकते हैं, फिर पिछे से कोई आता है और जहां गन्ने का अंकुर निकलेगा, उसको सीधा करता है। फिर उसे मिट्टी से ढक देते हैं, फिर उसमें पानी डाला जाता हैं। मिट्टी में कोई मिठास नहीं होती है, उस पानी में भी कोई मिठास नहीं होती हैं, परंतु जब गन्ना तैयार हो जाता है तो उसमें बहुत मिठास होती हैं! गन्ने ने अपने छोटे-से जीवन में एक काम कर लिया। उसका जीवन ज्यादा बड़ा तो होता नहीं हैं, पर जबतक वह बड़ा हो जाता हैं, तबतक वह एक काम कर लेता है कि अपने अंदर मिठास भर लेता है।
तो प्रश्न उठता हैं कि हम अपने जीवन में क्या भरते हैं ?
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